अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजधानी रांची के अपने समय के प्रतिष्ठित अशोका होटल कि कर्मचारियों ने होटल के मुख्य द्वार पर बैठकर भिक्षाटन कार्यक्रम चलाया | होटल अशोका और इन कर्मचारियों की बदहाल स्थिति समानांतर रूप से देखी जा सकती है | आंदोलन रत कर्मचारी की कथन अनुसार आर्थिक तंगी में अब तक दो की मौत भी हो चुकी है परंतु अब तक इन आंदोलन रत कर्मचारियों का सुध लेने वाला कोई नहीं है और ना ही झारखंड सरकार की किसी प्रकार की कोई विशेष पहल हो रही है | इन कर्मचारियों की स्थिति विगत कई दिनों से बद से बतर हो चली है उनकी मांग समायोजन और वेतन की है | भिक्षाटन कार्यक्रम चलाए जा रहे कर्मचारियों का कहना है कि विगत कई वर्षों से हम अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन करते आ रहे हैं परंतु हमारी मांग पर अब तक किसी प्रकार की कोई पहल नहीं हो पा रही परंतु 14 फरवरी को झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री की ओर से बुलावा आया है उस दिन पर्यटन मंत्री से मुलाकात के बाद अगली आंदोलन की रणनीति तय होगी |


